राजकोट से बड़ा खुलासा: कोरोना में पत्थर की तरह फेफड़े होने की जानकरी वजूद बिना की... 

राजकोट से बड़ा खुलासा: कोरोना में पत्थर की तरह फेफड़े होने की जानकरी वजूद बिना की...


 राजकोट मेडिकल कॉलेज में कोरोना के रोगियों की शव परीक्षा के बारे में डॉक्टर निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचे या नहीं उसके बारे में किआड़ा ने सपाट रूप से मना कर दिया।


 राजकोट मेडिकल कॉलेज में कोरोना के रोगियों की शव परीक्षा के बारे में डॉक्टर निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचे हैं इस बात पर किआड़ा ने सपाट रूप से मना कर दिया।  उन्होंने कहा कि अवलोकन और निरक्षर के एक चरण के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।  राजकोट में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ.हेतल कियदा ने स्पष्ट किया कि राजकोट मेडिकल कॉलेज में होने वाले कोरोना के रोगियों की शव परीक्षा के बारे में कोई भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए कोई वजूद नहीं है।


 कोरोनरी रोगियों की शव परीक्षा से फेफड़े की पथरी के स्थिर होने, रक्त वाहिकाओं के थक्के जमने, फाइब्रोसिस आदि की खबरें आई हैं, जो गैर-वजूद हैं।  कोरोना के संक्रमित निकायों की शव परीक्षा अभी भी जारी है।  इसलिए शव परीक्षा के निष्कर्षों के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।  ऑटोप्सी अनुसंधान वर्तमान में अवलोकन और अवलोकन के अधीन है।  इस अवधि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।  अनुसंधान के पूरा होने के बाद ही विशेषज्ञ डॉक्टर कोरोना संक्रमित रोगियों के इलाज के लिए कोरोना के उपचार में शव परीक्षण से प्राप्त तथ्यों का सुझाव दे पाएंगे।  शव परीक्षण के पूरा होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है, डॉ. कियदा ने कहा।